#मोदीजी,
दुःख की बात यह है कि " हम नहीं चाहते कि फिर से देश कांग्रेसी कॉकरोचों और क्षेत्रीय पार्टियों के टिड्डियों के दल का घर बने"
लेकिन हम डर रहे है कि अगर ऐसा हो गया तो? और डरने की बहुत सी वजहें है :-
1.इस देश की बहुतायत आबादी आज भी पहले अपने रसोई को देखता है,अपने खेतों से निकले अनाज/ पैदावार को देखता है, अपने बच्चों की शिक्षा/ रोजगार/स्वास्थ्य को देखता है, उसके बाद ही उसे कुछ और दिखाई देता है I
2.अभी जो कैराना में हुआ, वह इसका प्रमाण है कि लोगों को जिन्ना से ज्यादा गन्ना में दिलचस्पी है, और उन्हें इसमें दिलचस्पी होना भी चाहिए, आखिर कितना मुश्किल काम था, गन्ना किसानों की समस्या? जो समाधान नहीं पाया, निश्चित रूप से नियत नहीं थी समाधान करने की, नियत थी लोगों के भावनाओं को कहीं और उलझाये रखने की I
3. हम भी आपके कट्टर समर्थक है, इसलिए दुखी भी है, मगर दुर्भाग्य से हमारे खोपड़े में थोडा सा दिमाग है, थोड़ी सोच है, सही/गलत की पहचान करने की क्षमता है, आपके अनेक समर्थक हम देशवासियों को डराना चाहते है कि अभी अगर हम नहीं चेते तो वो( मुस्लिम) जीत जायेंगे ! वो कह रहे है कि वो (मुस्लिम) 18 सालों में गोधरा को नहीं भूले और तुम हिन्दू लोग 18 महीने में ही कैराना को भूल गए?
4. चलो मान लेते है कि मुस्लिम कट्टर है, दंगाई है, हमें उनसे खतरा है, तो इसका उपाय क्या है? इसका एकमात्र उपाय तो यही है कि आप दुबारा पांच साल तक सत्ता में लौटो और मुस्लिमों के बढ़ते मनोबल को तोड़ने के लिए कानूनन उपाय करो, समान नागरिक संघिता लागु करों, भारतीय गणतंत्र में रहने वाले सभी धर्मों/सम्प्रदायों के लिए भारतीय संविधान के तहत एक नियम हो, जनसंख्या नियंत्रण पर एक समान कानून बने, और यह सब तो तब होगा ना, जब आप दुबारा सत्ता में लौटोगे? दुबारा सत्ता में लौटने के लिए आपको देश की बहुतायत आबादी के आकाँक्षाओं पर खरा उतरना ही पड़ेगा
5. ऐसी तमाम अशंकाओं के चलते हम डर रहे है,
और यह डर आप हमारे मन में डाल रहे हो, क्योंकि जिन आकांक्षाओं/आशाओं के साथ देशवासियों ने पूर्ण बहुमत देकर आपसे देश को परिवर्तन के युग में ले जाना चाहते थे वह सपना पूरा होता हुआ नहीं लग रहा है.......@ मनोरंजन