प्यार का रंग पानी जैसा और स्वाद नमकीन होता है
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सुनो, आज प्रपोज डे है
तुम, मुझे प्रपोज नही करोगे?
उसने ऐसे ही लहराते हुए पूछ दिया
मैं सकपका गया, सिर्फ इतना ही कहा
मैं कैसे कर सकता हूँ? मेरी तो शादी हो चुकी है
अरे, ऐसे ही झूठमूठ के ही कर दो न यार
और वह खिलखिला कर हँसने लगी,
मैं देर तक उसे हँसते हुए देखता रहा,
उसके हँसते हुए होठों से उपर
उसके आँखों पर नज़र पड़ा तो मैं काँप उठा,
वहाँ असीम दर्द की रेखाएँ और
खारे पानी का तालाब चमक रहा था।@मनोरंजन
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सुनो, आज प्रपोज डे है
तुम, मुझे प्रपोज नही करोगे?
उसने ऐसे ही लहराते हुए पूछ दिया
मैं सकपका गया, सिर्फ इतना ही कहा
मैं कैसे कर सकता हूँ? मेरी तो शादी हो चुकी है
अरे, ऐसे ही झूठमूठ के ही कर दो न यार
और वह खिलखिला कर हँसने लगी,
मैं देर तक उसे हँसते हुए देखता रहा,
उसके हँसते हुए होठों से उपर
उसके आँखों पर नज़र पड़ा तो मैं काँप उठा,
वहाँ असीम दर्द की रेखाएँ और
खारे पानी का तालाब चमक रहा था।@मनोरंजन