ज़िद ऐसी की वज़ूद भूल जाते है,
सारे नियम,कायदे,वसूल भूल जाते है,
मंजिल उन्हें मिलती है,
जो मंजिल पर पहुँचने की चाह में,
असफल हो लौटने की राह भूल जाते है। @मनोरंजन
सारे नियम,कायदे,वसूल भूल जाते है,
मंजिल उन्हें मिलती है,
जो मंजिल पर पहुँचने की चाह में,
असफल हो लौटने की राह भूल जाते है। @मनोरंजन
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