थके हुए लोग
---------------
जीवन से हारे हुए,
थके हुए कुछ लोग,
सिमटा कर रख लेते है ख़ुद को,
किसी अँधेरे कोने में,
बुनते है वहीँ फिर बहानों की चादर,
जिसे ओढ़ कर छुप सकें लोगों की नज़रों से,
इज़ाद करते है नए-नए तरीके,
लोगों को हड़काए रखने,
डराए रखने के लिए,
बर्दाश्त नहीं होता उनसे,
जो कोई उन पर अँगुली उठाए,
इसलिए पहले से सतर्क,
अपने आस-पास के लोगों पर रखते है चोर नज़र,
ताकी ढूँढ सके कोई ऐब,
खुद को सही और सामने वाले को गलत सिद्ध करने के लिए,
बनाते रहते है,
रहस्यमय जालें,
जिसमें उलझा सके मासूमों को,
और तुष्ट कर सकें अपनी कुंठाओं को,
पर नहीं समझते की,
वे रहस्य्मय जालें ख़ुद उन्हें ही रोशनी से महरूम किए जाती है,
और वे धंसते जाते है,
अनंत अंधकार में,
जहाँ उनकी रूह तक पर कालिख़ पूत जाती है। @ मनोरंजन
---------------
जीवन से हारे हुए,
थके हुए कुछ लोग,
सिमटा कर रख लेते है ख़ुद को,
किसी अँधेरे कोने में,
बुनते है वहीँ फिर बहानों की चादर,
जिसे ओढ़ कर छुप सकें लोगों की नज़रों से,
इज़ाद करते है नए-नए तरीके,
लोगों को हड़काए रखने,
डराए रखने के लिए,
बर्दाश्त नहीं होता उनसे,
जो कोई उन पर अँगुली उठाए,
इसलिए पहले से सतर्क,
अपने आस-पास के लोगों पर रखते है चोर नज़र,
ताकी ढूँढ सके कोई ऐब,
खुद को सही और सामने वाले को गलत सिद्ध करने के लिए,
बनाते रहते है,
रहस्यमय जालें,
जिसमें उलझा सके मासूमों को,
और तुष्ट कर सकें अपनी कुंठाओं को,
पर नहीं समझते की,
वे रहस्य्मय जालें ख़ुद उन्हें ही रोशनी से महरूम किए जाती है,
और वे धंसते जाते है,
अनंत अंधकार में,
जहाँ उनकी रूह तक पर कालिख़ पूत जाती है। @ मनोरंजन
No comments:
Post a Comment
Write here