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Wednesday, November 2, 2016

पूर्व सैनिक आत्महत्या


बिल्कुल साफ है कि उसको आत्महत्या करने को बहकाया गया है, सोचो ज़रा " कौन ऐसा आदमी होगा, जो सल्फ़ास की गोली खाकर अपने बेटे को फोन करे और बड़े आराम से बोले, बेटा मैंने पॉयजन खा लिया है, ठीक है!" और तो और उसके साथ "कोई है" जो उसे सिख रहा है कि क्या बोलना है, और सारी बात-चीत रेकार्ड भी कर लेता है। वाह रे दुःखी आदमी! 23 हज़ार पेंसन पाने वाला सिर्फ 5 हज़ार रूपया "पेंसन " और नहीं बढ़ रहा इसलिए आत्महत्या कर लिया। वह रे मेरे देशभक्त सैनिक! फिर तो 10 हज़ार रूपया मेहनत कर के कमाने वाले करोड़ों लोगों को आत्महत्या कर लेना चाहिए? क्योंकि सरकार उन पर ध्यान नहीं दे रही है। और इस घटना को इतना जबरदस्त मुद्दा बनाने वाले हमारे राजनेता? निःसंदेह ही देश की राजनीती बहुत ख़तरनाक मोड़ पर आ पहुँची है, जहाँ " ये सब" पब्लिक का सपोर्ट पाने के लिए किसी व्यक्ति का कत्ल करने से भी संकोच नहीं करते। यह कोई पहली बार नहीं हुआ है, अभी पिछले साल ही किसान आंदोलन के समय भी ऐसा ही घटना को अंजाम दिया गया था। एक मानसिक रूप से अस्थिर आदमी से ऐसा करवाना मुश्किल भी नहीं है, एक देश जहाँ लाखों समान्य लोग, बाबा राम रहीम, बाबा परमानन्द, रामपाल महाराज आशाराम बापू , कृपा वहीँ से रुकी है बोलने वाला जैसे हजारों बाबाओं के चक्कर में पड़ कर कुछ भी करने को तैयार हो जाते है, वहाँ एक सीधे-साधे पूर्व सैनिक, एक सामान्य किसान से ऐसा कुछ करवाना क्या आश्चर्य है? @ मनोरंजन 
It is very clear that he was used by someone and coaxed to commit suicide......the Indian politics has reached at very dangerous stage where they kill Individuals to get public support

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