हाँ, तुम बढ़ जाओ आगे,
मुझे, मेरे हालात पर छोड़ कर,
मेरे आँसुओं की परवाह की तो,
आँसूं सूख ना पायेंगे तुम्हारे कभी,
बुला रहा है तुम्हे,
तुम्हारा मुस्कुराता कल ,
उसके आगोश में जाकर भूल जाओगी,
मेरे चेहरे पर हँसी लाने की ज़िद,
भावनाओं का आवेग और प्रवाह ही,
वसूल है मोहब्बत के,
कोशिशें कामयाब नहीं होती,
मोहब्बत के जहां में।@ manoranjan
मुझे, मेरे हालात पर छोड़ कर,
मेरे आँसुओं की परवाह की तो,
आँसूं सूख ना पायेंगे तुम्हारे कभी,
बुला रहा है तुम्हे,
तुम्हारा मुस्कुराता कल ,
उसके आगोश में जाकर भूल जाओगी,
मेरे चेहरे पर हँसी लाने की ज़िद,
भावनाओं का आवेग और प्रवाह ही,
वसूल है मोहब्बत के,
कोशिशें कामयाब नहीं होती,
मोहब्बत के जहां में।@ manoranjan
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