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Monday, December 22, 2014

Geet(4)

प्यार झूठा ही सही, एक बार जताने के लिये आ,
मैं नाकाबिले बफा हूँ, ये बात बताने के लिये आ।
हमको मालूम है की हम तेरे अपनों में नहीं,
मेरी ग़ैरियत को ही एक बार आजमाने के लिये आ।@मनोरंजन

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