मनुष्य के जीवन का सबसे मुश्किल संघर्ष, उसके अपनों के साथ होती है ( दिल में जिनसे भावनात्मक लगाव गहरा हो) मुश्किल इसलिए की जीन लोगों से हमारा भावनाओं का टकराहट होती है,वो हमारे प्राण के अंश होते है, इस वजह से संघर्ष हो नहीं पता और हम समझौता करते है।...............
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ये समझौता , संसार की सबसे विनाशकारी चीज़ होती है, इससे मनुष्य का मूल स्वरूप समाप्त हो जाता है, और संघर्ष क्षमता नष्ट हो जाती है। @ मनोरँजन
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ये समझौता , संसार की सबसे विनाशकारी चीज़ होती है, इससे मनुष्य का मूल स्वरूप समाप्त हो जाता है, और संघर्ष क्षमता नष्ट हो जाती है। @ मनोरँजन
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