यार शराफ़त, शालीनता और अच्छाई,
रोमांचक क्यों नहीं होते?
और जो लोग अपनी शराफ़त और शालीनता के वज़ह से,
ठगा हुआ महसूस करते है,
उनके मन में ये विचार आना की,
काश थोड़ी घटियापन/ ओछापन ही कर लेता तो मज़ा तो आ जाता,
क्या ये विचार उचित है?@ मनोरंजन
रोमांचक क्यों नहीं होते?
और जो लोग अपनी शराफ़त और शालीनता के वज़ह से,
ठगा हुआ महसूस करते है,
उनके मन में ये विचार आना की,
काश थोड़ी घटियापन/ ओछापन ही कर लेता तो मज़ा तो आ जाता,
क्या ये विचार उचित है?@ मनोरंजन
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