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Tuesday, April 14, 2015

गीत

गीत 
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जिन्दगी तो जिन्दगी ही है,
दिवारों तक के भी रंग उड जाते है,
एक मुद्दत के बाद रंग ना चढाई ग़र तो,
जिन्दगी, ये बदरंग सी हो जाती है।
जिन्दगी के रंग है,
जो दोस्तों का संग है,
और दिल में उमंग,
भुजाओं में तरंग है,
जिन्दगी तभी बहती है नदी सी,
नहीं तो कहीं थम जाती है।
जिन्दगी तो जिन्दगी ही है ....................
जिन्दगी का रंग है,
जो आशियां में विहंग है,
बाग-ए-गुलशन में सब फूल-कली संग है,
गुनगुनाती हो जहाँ हवा,
फिजायें अपने ही धून में मलंग है,
ये ना हो तो बाग-चमन जानहिन होकर उजड जाती है।
जिन्दगी तो जिन्दगी .......@ मनोरंजन

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