कुछ बातें ऐसी होती है,
जो कही नही जाती सिर्फ़ समझी जाती है,
कुछ रिश्ते ऐसे होते है,
जिनका कोई नाम नही होता,
सिर्फ़ मर्यादा और अभिव्यक्ति होती है,
कुछ लोग ऐसे होते है,
जो अनजान होकर भी जानें- पहचाने से लगते है,
अनायस ही कभी कोई सुगंध,
सांसो से आकर टकराती है,
जो पहले से परिचित होती है,
कोई आवाज़, कोई संगीत, कोई कंपन
कानों में ऐसे गूँज जाती है,जैसे
अभी-अभी किसी ने पुकारा है मुझे,
हर लम्हा, हर पल,
बिलकुल अंजाना सा रहता है,
मगर सब कुछ जान लेने को आतुर,
ये चेहरे और चेहरे के भाव,
आँखों के बोल,
होठों से कही बेहतर,
बेहद स्पस्ट और ईमानदारी से अपनी बात कहाँ देते है,
सिर्फ़ चलने कि अदा/बैठने/बोलने और खड़ा होने का ढंग,
पुरे वयक्तित्व और चरित्र को खोल कर रख देता है,
फिर भी मै,
तुमसे ये नही कहता,
कि मै, तुम्हारे बारे में सबकुछ जान गया हूँ,
या तुम मेरे बारे में सबकुछ जान चुके हो,
मगर एक-दुसरे को जनने की कोशिश अगर है,
तो यह महत्वपुर्ण है,
तुमसे बस इतनी गुजारिश है,
ये कोशिश मत छोड़ना
क्योंकि इस कोशिश में हमारे रिश्ते का,
आगाज और अंजाम निहित है..........
@.मनोरंजन
जो कही नही जाती सिर्फ़ समझी जाती है,
कुछ रिश्ते ऐसे होते है,
जिनका कोई नाम नही होता,
सिर्फ़ मर्यादा और अभिव्यक्ति होती है,
कुछ लोग ऐसे होते है,
जो अनजान होकर भी जानें- पहचाने से लगते है,
अनायस ही कभी कोई सुगंध,
सांसो से आकर टकराती है,
जो पहले से परिचित होती है,
कोई आवाज़, कोई संगीत, कोई कंपन
कानों में ऐसे गूँज जाती है,जैसे
अभी-अभी किसी ने पुकारा है मुझे,
हर लम्हा, हर पल,
बिलकुल अंजाना सा रहता है,
मगर सब कुछ जान लेने को आतुर,
ये चेहरे और चेहरे के भाव,
आँखों के बोल,
होठों से कही बेहतर,
बेहद स्पस्ट और ईमानदारी से अपनी बात कहाँ देते है,
सिर्फ़ चलने कि अदा/बैठने/बोलने और खड़ा होने का ढंग,
पुरे वयक्तित्व और चरित्र को खोल कर रख देता है,
फिर भी मै,
तुमसे ये नही कहता,
कि मै, तुम्हारे बारे में सबकुछ जान गया हूँ,
या तुम मेरे बारे में सबकुछ जान चुके हो,
मगर एक-दुसरे को जनने की कोशिश अगर है,
तो यह महत्वपुर्ण है,
तुमसे बस इतनी गुजारिश है,
ये कोशिश मत छोड़ना
क्योंकि इस कोशिश में हमारे रिश्ते का,
आगाज और अंजाम निहित है..........
@.मनोरंजन
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