Followers

Tuesday, February 28, 2017

कविता क्यों ?

क्या करोगे दोस्त कविता लिख कर,
लिखना ही है तो देश को लिखो,
देश बहुत बड़ा है,
उससे भी बड़ी समस्याएं है,
अनेकता में एक कह कर,
बहलाया जाता रहा है/भरमाया जाता रहा है,
रंग/रूप/भेष-भूषा चाहे अनेक है,
हिन्द देश के निवासी सभी जन एक है,
ये सिर्फ कहने की बातें है,
देश के कोने-कोने में,
शोषण/अत्याचार/चालाकी/धूर्तता ही एक है,
जो सब जगह समान है,
जाति /धर्म/भाषा/पहनावा /संस्कृति /संस्कार
भले ही विविधितापूर्ण हो,
पर स्वार्थता/कभी ना ख़त्म होने वाली भूख
सब जगह है,
सब जगह कमज़ोर कुचले जा रहे है,
ताकतवर फलते-फूलते जा रहे है,
लिखना है तो कमजोरों के आँसुओं को लिखो,
लिखो कि अंकुश लगे उन बाजुओं पर,
जो हर वक्त बलात्कार करने को आमदा है,
लिखो कि तुम्हारे शब्द ज्वाला बन कर,
जला डाले हर बेड़ियों को जो पड़े है
आमजन के पैरों में,
लिखो कि  तुम्हारे शब्द वज्र बन कर गिरे
अत्याचारियों पर/धूर्तों पर/चालकों पर,
जो बड़ी तेज़ी से देश के जल, जंगल और जमीं को
खाए जा रहे है अपनी भुख मिटाने के लिए। @ मनोरंजन

No comments:

Post a Comment

Write here