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Tuesday, February 7, 2017

एक लड़की शहर में

एक लड़की शहर में
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जीवन के थोड़े समय में ही,
ढेर सारी उपलब्धियों को,
सहेजती उस लड़की से मिलकर लगता है की,
सचमुच सिख लिया है उसने,
हर स्याह-ओ-सफ़ेद हर्फों को,
अपने आँखों में छुपाने की कला,
सिख लिया है उसने,
इस महानगर के भीड़ में ख़ुद के लिए,
एक मुकम्मल जगह तलासने की कला,
समझती है वह हर निगाहों की भाषा,
और उन निगाहों को अपने फायदे के लिए,
इस्तेमाल करने का गुर भी जानती है,
सिखा है उसने अपने जीवन के थोड़े समय में ही बहुत कुछ,
जो दिखता है उसकी अनुभवशील, चमकीली आँखों में,
सिखा है उसने अँधेरे में चलना,
और उजाला बिखेरने की कला,
आता है उसे अपने आँसुओं को ज़ब्त करना,
और मुस्कुराहटों पर भी सहज नियंत्रण है उसका,
जानती है, कब मुस्कुराना है और कब नहीं,
पूरा हिसाब लगाने के बाद ही,
खिलती है मुस्कराहट, उसके मुखमंडल पर,
जानती है वो इसकी कीमत,
इसलिए जया नहीं करती अपनी मुस्कुराहटों को,
यों ही छोटी-छोटी बातों पर,
छोटे-मोटे लोगों के लिए।@ मनोरंजन

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