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Tuesday, January 12, 2016

क्षणिकाएँ

भक्त और भगवान में बहुत फर्क होता है,
भक्त पाकर खुश होता है, भगवान देकर खुश होता है
...........
बस उलझ तब जाता हूँ जब तुम्हे सोचता हूँ।
तुममें सारे गुण भक्तों वाले है पर तेवर भगवानों वाले है,
मुझमें सब गुण भगवान वाले है तो तेवर भक्तों वाले क्यों है? @ मनोरंजन

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