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Friday, November 21, 2014

दर्द का रिश्ता 
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चलो, खुशी का ना सही,
दर्द का रिश्ता कायम करते है,
आँसू बन कर, एक-दूसरे के,
आँखों से बहते है।
साथ चल पाते, इस राह में तो,
सफ़र आसान बहुत होता,
मुश्किलों से संवरता है जीवन,
इसको अपनाते है,
चलो खुशी का ना सही,
दर्द का रिश्ता कायम करते है।
सपने, आरमान और ख़्वाहिशे तो,
बहुतों के पूरे होते है,
पर अधूरे ख़्वाब वाले जीते है जैसे,
उस तरह जी कर देखते है,
चलो खुशी का ना सही,
दर्द का रिश्ता कायम करते है।
ये दर्द, उदासी भी तो जीवन का ही,
एक हिस्सा है,
सुना है, दर्द में मुस्कुराना अच्छा लगता है,
इस रंग में ख़ुद को रंग कर देखते है,
चलो खुशी का ना सही,
दर्द का रिश्ता कायम करते है।@मनोरंजन

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