एक छोटी सी बात-15
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दुख, तुम्हे क्या तोड़ेगा,
तुम दुख के बांह मरोड दो,
सिर्फ अपनी नज़र,
किसी के सपनों से जोड़ दो।
जब तक आप सिर्फ अपने बारे में सोचाते है,
अपने स्वार्थ, अकांक्षाओं को पुरा करने में,
दिन-रात लगे रहते है,
आप हमेशा परेशान, दुखी, और उदास रहते है,
गुस्सा, इर्श्या,प्रतिशोध और,
अनेक नकारात्मक विचारों से आपका मन भरा रहता है।
जैसे ही आप किसी के लिए निस्वार्थ भाव से,
कुछ करने के लिए अपना हाथ बढाते है,
आपके मन में खुशी और संतुष्टि के भाव भर जाते है,
और आपका जीवन नित नई खुशियों से,
उत्साह और उमंग से चाहकाने लगता है,
हर तरफ खूबसूरती नज़र आने लगती है,
जीवन रोशनी से दग्ध और खुशबू से महकने लगता है,
यही जिन्दगी जीने का सर्वोतम तरिका है।................................मनोरंजन
http://manoranjan234.blogspot.in/
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