Followers

Monday, March 23, 2015

कितना भयंकर आश्चर्य है?

कितना भयंकर आश्चर्य है?
.................................
.अब यकीन हो गया,
लड़कियां, इतनी सरल हृदय होती है की,
छोटी- छोटी बातों पर भी खिलखिला कर हॅंसने लगती लगती है,
और लोग ख़ामख़ाह ही,
उनकी हँसी का कोई ख़ास अर्थ निकलने में लग जाते है,
लड़कियां तो कहीं एक छोटे बच्चे को रोता हुआ देख कर भी,
हुलस कर हँसने हुए कहती है,
"अरे देख रोता हुआ कितना प्यारा लग रहा है"
तो कभी चलायमान सीड़ियों पर,
ज़ो नीचे से उपर जाती है,
उपर से एक- दो कदम पैर रख कर,
ठहाका लगा कर हँस पड़ती है,
मेरी डेढ़ साल की बेटी,
जैसे ही देखती है की, कोई उसका फोटो खींच रहा है,
खट से अपनी बतीसी चमका देती है,
सच, कितना आसान है,
लड़कियों को हँसाना,
और कितना भयंकर आश्चर्य है की,
इतना आसान होते हुए भी,
असंख्यों लड़कियों कि हँसी,
ना जाने कहाँ गायब हो गई है।@ मनोरंजन

No comments:

Post a Comment

Write here