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Monday, March 23, 2015

अच्छा लगता है

अच्छा लगता है.........कुछ और पंक्तियाँ 
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अच्छा लगता है,
निराशा के दलदल में,
धंसते जा रहे किसी शख़्स को,
उत्साहवर्धन हेतु,
एक तिनका पकड़ाना,
अच्छा लगता है,
जब मुस्कुराता है वो,
जिसके चेहरे की उदासी,
मुझसे देखी नहीं जाती,
अच्छा लगता है,
जब किसी बुज़ुर्ग के कांपते हुए हाथ,
दुआ देने को मेरे सर को सहलाते है,
अच्छा लगता है,
अंधेरी रात के बाद,
उदित होते सुरज के,
लालिमा को निहारना,
अच्छा लगता है,
किसी के अंधेरे मन के एक कोने में,
हौले से जाकर मोमबती जलाना,
अच्छा लगता है,
जब परिश्रम को जीतते और,
अहंकार को हारते देखता हूँ,
अच्छा लगता है,
जब बढ़ते देखता हूँ उन्हे,
जिनमें बच्चों सा लगन, उत्साह
और अपनी चाहत को पाने की ललक हो,
अच्छा लगता है,
वो संगीत,
जिसमें मिट्टी की ख़ुश्बू,
और ह्रदय की नमी मिश्रित हो,
अच्छा लगता है,
अपने धुन में मस्त,
किसी कलाकार के हाथों,
कोई आद्वितीय, अनुपम सी कलाकृति को,
बनते देखना,
और अच्छा लगता है,
तुम्हारा ये कहना की,
कितना कुछ मिलता-जुलता है हम दोनों में,
जैसे हमारे दर्द और आँसू,
और मुस्कुराने के वज़ह। @ मनोरंजन

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