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Monday, March 23, 2015

Geet (3)

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कुछ भी दुनिया में ना बदलेगा,
सब कुछ ऐसा ही रहेगा,
जो हो रहा है आज, कल भी वही होगा।
कहीं एक तार वीणा के टूट जाने से,
इस दुनिया के संगीत थमता नहीं,
कहीं एक आवाज के घुट जाने से,
बहारों के गीत थमते नहीं,
कल भी पंछी चहकेंगे, नया सवेरा होगा,
जो हो रहा था आज तक, कल भी वही होगा। @

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