एक बार जीवन में प्यार कर लो प्रिये।=======================
लगती हो रात में,प्रभात की किरण सी,
किरण से भी कोमल,कपास की छुवन सी,
छुवन सी लगती हो किसी लोकगीत के,
लोकगीत जिसमें बसी हो गंध प्रीत के,
प्रीत को नमन,एक बार कर लो प्रिये,
एक बार जीवन में प्यार कर लो प्रिये।
प्यार एक पवित्र पुंज, प्यार पुण्य धाम है,
पुण्य धाम, जिसमें की राधिका है, श्याम है,
श्याम की मुरलिया की हर गूंज प्यार है,
प्यार ईस, प्यार श्रधा, प्यार देव नाम है,
इस देव नाम को साँसो में भर लो प्रिये,
एक बार जीवन में, प्यार कर लो प्रिये।
प्यार एक प्यास, प्यार अमृत का ताल है,
ताल में नहाए हुए, चन्द्रमा की चाल है,
चाल वनवासिनी हिरनियों का प्यार है,
प्यार देव मंदिर का आरती का थाल है,
थाल आरती है विचार कर लो प्रिये,
एक बार जीवन में प्यार कर लो प्रिये।
प्यार के शरण में जाओगी, तो तर जाओगी,
प्यार ठूकराकर, बहुत पछताओगी,
पछताओगी जो किया, अपमान रंग-रूप का,
रंग-रूप, जीवन में दूबारा नहीं पाओगी,
प्यार ठूकराकर, मत करो विकल सी,
विकल सी हृदय में, मचा दो हलचल सी,
एक बार अंतर की पुकार सुन लो प्रिये,
एक बार जीवन में प्यार कर लो प्रिये।........................मनोरंजन
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