कविता सी कुछ ---------
यह मेरे किताब की रफ़ पण्डुलिपि है
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Friday, June 20, 2014
ना तुम्हे कुछ हासिल हुआ,
ना मयशर हुई मुझे खुशी,
बेवजह जल कर राख हो गए,
ना फैली सुगंध, ना मिली रोशनी।.....मनोरंजन
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