एक वेश्या की अंतर्कथा
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मेरे पास आने वाले,
हर ग्राहक के चेहरे में,
मैं उस शाख्स को ढून्ढती हूँ,
जो मुझे एक अलग तरह से छू कर,
मुझे एहसास करा सके की,
मैं वेश्या तो हूँ,
पर मेरा मन वेश्या नहीं बना,
जो मेरे वेश्या होने की पीडा,
दुख, अपमान और क्षोभ के,
एहसास को मेरे मन से मिटा दे।
पैसा तो वेश्या भी कमाती है,
और कोई-कोई तो इतना ज्यादा कमाती है,
और इतना आलीशान जीवनशैली अपनाती है,
की अच्छे-खासे पेशेवर लोगों को भी,
उनके जीवन शैली से रश्क हो जाये।
लेकिन वेश्याएँ दो तरह की होती है,
एक वो वेश्या जो अपनी मर्जी से इस पेशे को अपनाती है,
छल, कपट, बेईमानी और धोखा से,
लोगों को लुटती है, और कई जिंदगी बर्बाद करती है,
और ऐसा करके वो ना सिर्फ आनंद और ख़ुशी महसूस करती है,
बल्कि ऐसा करके, ये वेश्याएँ अपने पेशे को चार चांद लगा देती है।
दूसरी तरह की वेश्याएँ वो होती है,
जो जबरन इस पेशे में धकेल दी जाती है,
अमूमन,
जीस शख्स को वो अपना भगवान मान लेती है,
वही शख्स नहीं निभा पाता अपना वादा,
वक्त पर साथ नहीं देता,
या वही शख्स धकेल देता है,
उसे इस नर्क में, जीवन भर तड़पने के लिये।
इस तरह की वेश्याएँ,
कभी अपने पेशे के साथ इमानदारी से न्याय नहीं कर पाती,
वो घुटते रहती है,
अपने वेश्या होने के एहसास से,
पीड़ा, दुख, अपमान और क्षोभ से,
वेश्या होकर भी, कभी मन से वेश्या नहीं बन पाती,
छल, कपट, बेईमानी और धोखा नहीं सीख पाती,
अपना जिस्म बेचती है,
और उसका मोल भी लेती है,
लेकिन बर्बाद नहीं करती कोई जिंदगी,
स्वीकार नहीं कर पाती,
खुद का वेश्या होना,
और इस लिये नर्क सी जिंदगी जीती है।
इन दोनों तरह की वेश्यायों में बेहतर कौन है?
एक वो जो अपने पेशे को पूरे आनंद से,
खुशी से निर्वाह करती है,
जिसमें सभी बुरी भावनाएं है, बुराइयाँ है,
और लोग उसी के दीवाने है,
इसलिये वो आलीशान जीवन जीती है,
दूसरी तरह की वेश्या में अच्छाई है,
शुद्ध, सात्विक भावना है, और इंसानियत है,
मगर वो नर्क जैसी जीवन जीने को मजबूर है।
हमारा जीवन भी वेश्याओं की तरह ही है,
जो अपने पेशे को पूरी इमानदारी से,
अपने काम का लुफ्त उठाते हुए करता है,
बिना अच्छा-बुरा की परवाह किये,
वही कामयाब है, उसी का जीवन वैभव संपन्न है,
और जो लोग अपने काम को करते हुए,
घुटन, दुख, क्षोभ और अपमान को महसूस करते है,
उनमें चाहे कितनी भी अच्छाई क्यों ना हो,
उनका जीवन असफल, और नरकीय बन जाता है।..................Manoranjan
http://manoranjan234.blogspot.in/
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