शिकवा
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जीना तो पड़ेगा ही,
यों जिंदगी को जया ना कर सकेंगें,
हाँ अब दर्द-ए-दिल,
किसी से बंया ना कर सकेंगे,
और अब वक्त ही कहाँ होगा इतना,
चोट लगते रहेंगे,
जख़्म बनाते रहेंगे,
पर किसी से शिकवा ना कर सकेंगे।
http://manoranjan234.blogspot.in/
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