धर्म की चिता
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इस शहर में माहौल कुछ ठीक नहीं लगता,
मौत सी सन्नाटे में, एक हाहाकर छुपी बैठी है,
धर्म के नाम पर रोटी सेंकने वालों के मुख से,
अचानक विद्वता और सर्वज्ञता के बोल फूटने लगे है,
रोजी-रोटी के जुगत में जुटे,
आसंख्य लोग कांपने लगे है भय से,
क्योंकि वो जानते है,
जब धर्म की चिता जलेगी तो,
आहूति में उन आसंख्य लोगों को ही,
फेंका जायेगा जबरदस्ती।.............................मनोरंजन
http://manoranjan234.blogspot.in/
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