लड़कियाँ
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उत्तम स्त्री गुणों से संपन्न,
कुछ जहीन लड़कियाँ,
रास्ते में चलते हुए,
लड़खड़ा जाती है कभी-कभी,
और शालीन सहारे को पाकर,
प्रफुलित भी हो जाती है,
नहीं पढ़ पाती, कई बार सही तरह से,
आँखों में छपी भाषा किसी शख़्स के,
कभी कुछ छोटी, कभी बड़ी गलतियाँ कर जाती है,
ये लड़कियाँ डाल पर लगे,
खुबसूरत फूलों की तरह होती है,
जो हवा के झोकों के साथ,
कभी उपर, कभी नीचे, हिलती, डोलती, इतराती,
इसे अपनी अजादी, समझ,
खुशी से झूम जाती है,
ये लड़कियाँ,
पसंद नहीं इन्हे,
खुद को, तोडा जाना,
मुरझाना, या सूख कर बिखर जाना,
हर बार हाथ बढ़ाने वालों के,
हाथों को छूकर दूर झिटक जाना,
अच्छा लगता है,
खूब ठठाकर हँसती है,
जब ऐसा होता है,
बिल्कुल इस सच से अनभिज्ञ,
की,
जीस छोटे कद डाल पर लगी है ये,
उसकी उंचाई, इतनी नहीं होती,
की ज़ीद पर अड़ा कोई हाथ,
इन्हे तोड़ ना लें,
हवा के झोके भी हरदम साथ कहाँ देते है?......मनोरंजन
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