सफलता या शहादत
===========
अए मेरे दोस्त तुझे,
सफलता चाहिये या शहादत?
जहाँ तक मैं जनता हूँ,
सफलता एक झटके में नहीं मिलती,
छोटी-छोटी, तुच्छ, समझी जाने वाली कोशिशों,
और निरंतर असफल प्रयासों,
का परिणाम होती है सफलता,
और शहादत?
जब एक ही कारतूस बचे हो झोली में,
तब उसे खुद के लिये इस्तेमाल कर लेना,
शहादत कहलाता है,
क्या सच में अब एक ही कारतूस,
बचा है तेरी झोली में।......................................मनोरंजन
No comments:
Post a Comment
Write here