रिश्ता
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जहाँ प्रेम नहीं परीक्षा हो,
अपनत्व नहीं औपचारिकता हो,
स्वाभिमान नहीं समझौता हो,
ममत्व नहीं महानता हो,
कोमल करुणा नहीं कठोरता हो,
दया नहीं दरिद्रता हो,
विनम्रता नहीं दब्बूपन हो,
वहाँ रिश्ता नहीं पाखंड होता है!...........मनोरंजन
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